जन्म-जन्मों से बुला रहे हो
जन्म-जन्मों से बुला रहे हो, तुम संग रिश्ता ज़रूर होगा।
आप से नज़रें मिला ना पाएं, मेरी नज़र का कसूर होगा।
तुम ही तो मेरे परम-पिता हो, तुम्हीं हो बंधू सखा तुम्हीं हो।
हजारों नाते तुझ संग जोड़े, कोई तो नाता ज़रूर होगा। नज़रों से...........
सब में तेरी आत्मा हो, सभी के तुम परमात्मा हो।
हम संग रहकर हमीं से परदा, परदा हटाना जरूर होगा। नजरों से...........
दिल में बस गई तस्वीर तेरी, दिल मेरा बन गया जागीर तेरी।
तुम मेरे प्रीतम मैं हूं पुजारन, दर्शन दिखाना ज़रूर होगा। नजरों से.............